कुंडली के छठे और आठवें भाव से भविष्य में होने वाली बीमारियों का संकेत मिल सकता है, जिससे आप पहले से सतर्क रह सकते हैं।
आपके जन्म के शहर या गांव का नाम। इससे उस स्थान के अक्षांश (Latitude) और देशांतर (Longitude) का पता चलता है, जो ग्रहों की सटीक स्थिति जानने के लिए जरूरी है। janam kundali by date of birth and time in hindi
जन्म कुंडली के लाभ (Benefits of Reading Janam Kundali) दूसरा धन का
समय के कुछ मिनटों के अंतर से 'लग्न' या 'नवांश' बदल सकता है, जिससे फलित पूरी तरह बदल जाता है। और स्थान सही हैं
जन्म कुंडली में कुल 12 घर या भाव होते हैं। प्रत्येक भाव जीवन के एक विशिष्ट क्षेत्र को दर्शाता है। जैसे पहला भाव (तनु भाव) स्वास्थ्य और व्यक्तित्व का है, दूसरा धन का, सातवां विवाह और साझेदारी का, और दसवां भाव करियर व कर्म का होता है।
जन्म कुंडली की सटीकता जन्म तारीख, समय, और स्थान की सटीकता पर निर्भर करती है। यदि जन्म तारीख, समय, और स्थान सही हैं, तो जन्म कुंडली की सटीकता भी अधिक होती है।
कुंडली के छठे और आठवें भाव से संभावित बीमारियों और शारीरिक कमजोरियों का पूर्वाभास मिलता है, जिससे व्यक्ति पहले से सावधान रह सकता है।